पदच्छेदः
| संधायामित्रदलनं | संधाय (√सम्-धा + ल्यप्)–अमित्र–दलन (२.१) |
| विचकर्ष | विचकर्ष (√वि-कृष् लिट् प्र.पु. एक.) |
| शरासनम् | शरासन (२.१) |
| सज्यम् | सज्य (२.१) |
| आयम्य | आयम्य (√आ-यम् + ल्यप्) |
| दुर्धर्षः | दुर्धर्ष (१.१) |
| कालो | काल (१.१) |
| लोकक्षये | लोक–क्षय (७.१) |
| यथा | यथा (अव्ययः) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| सं | धा | या | मि | त्र | द | ल | नं |
| वि | च | क | र्ष | श | रा | स | नम् |
| स | ज्य | मा | य | म्य | दु | र्ध | र्शः |
| का | लो | लो | क | क्ष | ये | य | था |