अन्वयः
पापकर्मणि of sinful deeds, तस्मिन् राक्षसे that Rakshasa, निहते killed, भगवान् glorious, शक्रःIndra, सर्वैःall, महर्षिभिःसह including great sages, हर्षम् rejoiced, जगाम felt
M N Dutt
On that unrighteous Raksasa having been slain, the reverend Sakra together with the Maharsis was filled with delight.
Summary
Glorious Rakshasa of sinful deeds having been killed, all including great sages and Indra felt rejoiced.
पदच्छेदः
| हर्षं | हर्ष (२.१) |
| च | च (अव्ययः) |
| शक्रो | शक्र (१.१) |
| भगवान् | भगवत् (१.१) |
| सह | सह (अव्ययः) |
| सर्वैः | सर्व (३.३) |
| सुरर्षभैः | सुर–ऋषभ (३.३) |
| जगाम | जगाम (√गम् लिट् प्र.पु. एक.) |
| निहते | निहत (√नि-हन् + क्त, ७.१) |
| तस्मिन् | तद् (७.१) |
| राक्षसे | राक्षस (७.१) |
| पापकर्मणि | पाप–कर्मन् (७.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| ह | र्षं | च | श | क्रो | भ | ग | वा |
| न्स | ह | स | र्वैः | सु | र | र्ष | भैः |
| ज | गा | म | नि | ह | ते | त | स्मि |
| न्रा | क्ष | से | पा | प | क | र्म | णि |