अन्वयः
देवगन्धर्वदानवाः Devas, Gandharvas and Danavas, तुष्टाः arrived there सहिताः also ब्राह्मणा brahmanas, शान्तकलुषाः without any anxiety, विज्वराः without fear, विचरन्तु move about, इति thus, ऊचुश्च said
Summary
Devas, Danavas and Ghandharvas arrived there and said, "Let the Brahmins be without anxiety and move about without fear."
पदच्छेदः
| ऊचुश्च | ऊचुः (√वच् लिट् प्र.पु. बहु.)–च (अव्ययः) |
| सहिताः | सहित (१.३) |
| सर्वे | सर्व (१.३) |
| देवगन्धर्वदानवाः | देव–गन्धर्व–दानव (१.३) |
| विज्वराः | विज्वर (१.३) |
| शान्तकलुषा | शान्त (√शम् + क्त)–कलुष (१.३) |
| ब्राह्मणा | ब्राह्मण (१.३) |
| विचरन्त्विति | विचरन्तु (√वि-चर् लोट् प्र.पु. बहु.)–इति (अव्ययः) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| ऊ | चु | श्च | स | हि | ताः | स | र्वे |
| दे | व | ग | न्ध | र्व | दा | न | वाः |
| वि | ज्व | राः | शा | न्त | क | लु | षा |
| ब्रा | ह्म | णा | वि | च | र | न्त्वि | ति |