अन्वयः
अद्य today, रिपोः enemy, वधेन by destruction, तासां his, भ्राता brother, हतःkilled, यासाम् whose, तनयः brother, हतः killed, तासाम् whose, अश्रुप्रमार्जनम् wipe the tears, करोमि will do
M N Dutt
I shall wipe today the tears of those whose brother or son has been slain by destroying their goe.
Summary
"Today through the destruction of the enemy I will wipe the tears of the one whose son has been killed, whose brother has been killed."
पदच्छेदः
| हतो | हत (√हन् + क्त, १.१) |
| भर्ता | भर्तृ (१.१) |
| हतो | हत (√हन् + क्त, १.१) |
| भ्राता | भ्रातृ (१.१) |
| यासां | यद् (६.३) |
| च | च (अव्ययः) |
| तनया | तनय (१.३) |
| हताः | हत (√हन् + क्त, १.३) |
| वधेनाद्य | वध (३.१)–अद्य (अव्ययः) |
| रिपोस्तासां | रिपु (६.१)–तद् (६.३) |
| करोम्यस्रप्रमार्जनम् | करोमि (√कृ लट् उ.पु. )–अस्र–प्रमार्जन (२.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| ह | तो | भ | र्ता | ह | तो | भ्रा | ता |
| या | सां | च | त | न | या | ह | ताः |
| व | धे | ना | द्य | रि | पो | स्ता | सां |
| क | र्मो | म्य | स्र | प्र | मा | र्ज | नम् |