पदच्छेदः
| ततो | ततस् (अव्ययः) |
| मुहूर्तान्निष्पेतू | मुहूर्त (५.१)–निष्पेतुः (√निः-पत् लिट् प्र.पु. बहु.) |
| राक्षसा | राक्षस (१.३) |
| भीमविक्रमाः | भीम–विक्रम (१.३) |
| नर्दन्तो | नर्दत् (√नर्द् + शतृ, १.३) |
| भीमवदना | भीम–वदन (१.३) |
| नानाप्रहरणैर् | नाना (अव्ययः)–प्रहरण (३.३) |
| भुजैः | भुज (३.३) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| त | तो | मु | हू | र्ता | न्नि | ष्पे | तू |
| रा | क्ष | सा | भी | म | वि | क्र | माः |
| न | र्द | न्तो | भी | म | व | द | ना |
| ना | ना | प्र | ह | र | णै | र्भु | जैः |