अन्वयः
मुहूर्तात् in a short while, लब्धसंज्ञः gaining consciousness, महाबलः mighty, महापार्श्वः Mahaparsva, बहुभिः many, बाणैः shafts, तम् them, अङ्गदम् on Angada, भूयःagain, प्रत्यविध्यत struck in turn
Summary
In a short while, regaining consciousness, mighty Mahaparsva struck Angada again with many shafts.
पदच्छेदः
| मुहूर्ताल् | मुहूर्त (५.१) |
| लब्धसंज्ञस्तु | लब्ध (√लभ् + क्त)–संज्ञा (१.१)–तु (अव्ययः) |
| महापार्श्वो | महापार्श्व (१.१) |
| महाबलः | महत्–बल (१.१) |
| अङ्गदं | अङ्गद (२.१) |
| बहुभिर् | बहु (३.३) |
| बाणैर् | बाण (३.३) |
| भूयस्तं | भूयस् (अव्ययः)–तद् (२.१) |
| प्रत्यविध्यत | प्रत्यविध्यत (√प्रति-व्यध् लङ् प्र.पु. एक.) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| मु | हू | र्ता | ल्ल | ब्ध | सं | ज्ञ | स्तु |
| म | हा | पा | र्श्वो | म | हा | ब | लः |
| अ | ङ्ग | दं | ब | हु | भि | र्बा | णै |
| र्भू | य | स्तं | प्र | त्य | वि | ध्य | त |