अन्वयः
सःहनूमान् that Hanuman, तोयपूर्णम् filled with water, नीलम् bluish, जीमूतम् इव like the wind, गिरेःशिखरम् mountain peak, गृहीत्वा holding, नभस्तलात् from the earth surface, उत्पपात went into air
Summary
Like a dark cloud filled with water carried by wind, Hanuman held the mountain peak and went in the air from the surface of the earth.
पदच्छेदः
| इति | इति (अव्ययः) |
| संचिन्त्य | संचिन्त्य (√सम्-चिन्तय् + ल्यप्) |
| हनुमान् | हनुमन्त् (१.१) |
| गत्वा | गत्वा (√गम् + क्त्वा) |
| क्षिप्रं | क्षिप्रम् (अव्ययः) |
| महाबलः | महत्–बल (१.१) |
| उत्पपात | उत्पपात (√उत्-पत् लिट् प्र.पु. एक.) |
| गृहीत्वा | गृहीत्वा (√ग्रह् + क्त्वा) |
| तु | तु (अव्ययः) |
| हनूमाञ्शिखरं | हनुमन्त् (१.१)–शिखर (२.१) |
| गिरेः | गिरि (६.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| इ | ति | सं | चि | न्त्य | ह | नु | मा |
| न्ग | त्वा | क्षि | प्रं | म | हा | ब | लः |
| उ | त्प | पा | त | गृ | ही | त्वा | तु |
| ह | नू | मा | ञ्शि | ख | रं | गि | रेः |