अन्वयः
सत्यपराक्रम of truthful valour, पुरा earlier, तांप्रतिज्ञाम् you having made a vow, प्रतिज्ञाय vow, असत्त्वः weak minded, लघुः lowly, कश्चिदिव spiritless, इह now, ए वम् this way, वक्तुम् speaking, न अर्हसि not appropriate
M N Dutt
Having bound yourself by that vow, it does not, O you having truth for prowess, behove you to speak like one fickle and feeble.
Summary
"You who are of truthful valour having made a vow, now speaking in this way, like a lowly person is not appropriate."
पदच्छेदः
| तां | तद् (२.१) |
| प्रतिज्ञां | प्रतिज्ञा (२.१) |
| प्रतिज्ञाय | प्रतिज्ञाय (√प्रति-ज्ञा + ल्यप्) |
| पुरा | पुरा (अव्ययः) |
| सत्यपराक्रम | सत्य–पराक्रम (८.१) |
| लघुः | लघु (१.१) |
| कश्चिद् | कश्चित् (१.१) |
| इवासत्त्वो | इव (अव्ययः)–असत्त्व (१.१) |
| नैवं | न (अव्ययः)–एवम् (अव्ययः) |
| वक्तुम् | वक्तुम् (√वच् + तुमुन्) |
| इहार्हसि | इह (अव्ययः)–अर्हसि (√अर्ह् लट् म.पु. ) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| तां | प्र | ति | ज्ञां | प्र | ति | ज्ञा | य |
| पु | रा | स | त्य | प | रा | क्र | म |
| ल | घुः | क | श्चि | दि | वा | स | त्त्वो |
| नै | वं | व | क्तु | मि | हा | र्ह | सि |