अन्वयः
नदनदीपतिम् Lord of streams and rivers, घोरम् terrific, समुद्रम् ocean, लङ्घयित्वा: crossed over, हनुमतः Hanuman, गतिम् arrived at, लोके: in the world, कः who can ever, विद्यात् can know, तर्कयेतवा: or think of.
Summary
"Hanuman has crossed over the ocean, a Lord of streams and rivers and arrived. Who can ever know or think of such a task in this world?"
पदच्छेदः
| समुद्रं | समुद्र (२.१) |
| लङ्घयित्वा | लङ्घयित्वा (√लङ्घय् + क्त्वा) |
| तु | तु (अव्ययः) |
| घोरं | घोर (२.१) |
| नदनदीपतिम् | नदनदीपति (२.१) |
| कृतं | कृत (√कृ + क्त, २.१) |
| हनुमता | हनुमन्त् (३.१) |
| कर्म | कर्मन् (२.१) |
| दुष्करं | दुष्कर (२.१) |
| तर्कयेत | तर्कयेत (√तर्कय् विधिलिङ् प्र.पु. एक.) |
| कः | क (१.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| स | मु | द्रं | ल | ङ्घ | यि | त्वा | तु |
| घो | रं | न | द | न | दी | प | तिम् |
| कृ | तं | ह | नु | म | ता | क | र्म |
| दु | ष्क | रं | त | र्क | ये | त | कः |