अन्वयः
रामस्य: Rama's, दयिता: dear, स्वयम् his own, पत्नी: wife, नदीयतेयदि: if not given, चलङ्कापुरी: and this Lanka, विनश्येत् हि: will be destroyed, सर्वे: all, राक्षसाश्च: Rakshasas also.
M N Dutt
This city of Lankā shall perish as also all the heroic Rākṣasas, if you did not yourself make over Rāma's spouse to him.
Summary
"If Rama's dear wife is not given, this Lanka will be destroyed and also all Rakshasas."
पदच्छेदः
| विनश्येद्धि | विनश्येत् (√वि-नश् विधिलिङ् प्र.पु. एक.)–हि (अव्ययः) |
| पुरी | पुरी (१.१) |
| लङ्का | लङ्का (१.१) |
| शूराः | शूर (१.३) |
| सर्वे | सर्व (१.३) |
| च | च (अव्ययः) |
| राक्षसाः | राक्षस (१.३) |
| रामस्य | राम (६.१) |
| दयिता | दयिता (१.१) |
| पत्नी | पत्नी (१.१) |
| न | न (अव्ययः) |
| स्वयं | स्वयम् (अव्ययः) |
| यदि | यदि (अव्ययः) |
| दीयते | दीयते (√दा प्र.पु. एक.) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| वि | न | श्ये | द्धि | पु | री | ल | ङ्का |
| शू | राः | स | र्वे | च | रा | क्ष | साः |
| रा | म | स्य | द | यि | ता | प | त्नी |
| न | स्व | यं | य | दि | दी | य | ते |