पदच्छेदः
| व्यथिता | व्यथित (√व्यथ् + क्त, १.३) |
| वानरेन्द्राश्च | वानर–इन्द्र (१.३)–च (अव्ययः) |
| बभूवुः | बभूवुः (√भू लिट् प्र.पु. बहु.) |
| सविभीषणाः | स (अव्ययः)–विभीषण (१.३) |
| रामचन्द्रमसं | राम–चन्द्रमस् (२.१) |
| दृष्ट्वा | दृष्ट्वा (√दृश् + क्त्वा) |
| ग्रस्तं | ग्रस्त (√ग्रस् + क्त, २.१) |
| रावणराहुणा | रावण–राहु (३.१) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| व्य | थि | ता | वा | न | रे | न्द्रा | श्च |
| ब | भू | वुः | स | वि | भी | ष | णाः |
| रा | म | च | न्द्र | म | सं | दृ | ष्ट्वा |
| ग्र | स्तं | रा | व | ण | रा | हु | णा |