अन्वयः
महाकायः of gigantic body, समुद्यम्य raising the trident, रोषात् in anger, संरक्तनयनः red eyed, स्वसैन्यम् his army, अभिहर्षयन् excessive joy, युधि in war, भैरवम् formidable, ननाद loud noise
Summary
Gigantic Ravana, eyes turned red in anger, raising the trident made formidable noise to make his army extremely joyful in the battlefield.
पदच्छेदः
| समुद्यम्य | समुद्यम्य (√समुत्-यम् + ल्यप्) |
| महाकायो | महत्–काय (१.१) |
| ननाद | न (अव्ययः)–नाद (८.१) |
| युधि | युध् (७.१) |
| भैरवम् | भैरव (२.१) |
| संरक्तनयनो | संरक्त (√सम्-रञ्ज् + क्त)–नयन (१.१) |
| रोषात् | रोष (५.१) |
| स्वसैन्यम् | स्व–सैन्य (२.१) |
| अभिहर्षयन् | अभिहर्षयत् (√अभि-हर्षय् + शतृ, १.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| स | मु | द्य | म्य | म | हा | का | यो |
| न | ना | द | यु | धि | भै | र | वम् |
| सं | र | क्त | न | य | नो | रो | षा |
| त्स्व | सै | न्य | म | भि | ह | र्ष | यन् |