अन्वयः
दुर्मते evil minded, आत्मानम् yourself, अहम् I, शूरःhero, इति thus, अवगच्छसि praise, चौरवत् like a thief, सीताम् Sita, व्यपकर्षतः abducting, ते to you, लज्जा shame, नैवअस्ति not stand
M N Dutt
O wicked-minded one, you think of yourself, 'I am a hero; but you that have taken way Sītā like a thief, have no feeling of shame.
Summary
"O Evil minded fellow! You boast yourself as a hero, while you abducted Sita like a thief. Shame did not stand in your way."
पदच्छेदः
| शूरो | शूर (१.१) |
| ऽहम् | मद् (१.१) |
| इति | इति (अव्ययः) |
| चात्मानम् | च (अव्ययः)–आत्मन् (२.१) |
| अवगच्छसि | अवगच्छसि (√अव-गम् लट् म.पु. ) |
| दुर्मते | दुर्मति (८.१) |
| नैव | न (अव्ययः)–एव (अव्ययः) |
| लज्जास्ति | लज्जा (१.१)–अस्ति (√अस् लट् प्र.पु. एक.) |
| ते | त्वद् (६.१) |
| सीतां | सीता (२.१) |
| चोरवद् | चोर–वत् (अव्ययः) |
| व्यपकर्षतः | व्यपकर्षत् (√व्यप-कृष् + शतृ, ६.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| शू | रो | ऽह | मि | ति | चा | त्मा | न |
| म | व | ग | च्छ | सि | दु | र्म | ते |
| नै | व | ल | ज्जा | स्ति | ते | सी | तां |
| चो | र | व | द्व्य | प | क | र्ष | तः |