अन्वयः
सीता Sita, त्वया by you, मत्सन्निधौ my presence, बलात् forcibly, धर्षिता taken, स्याद्यदि been seen, तदा then, मत्सायकैः by my arrows, हतः killed, भ्रातरम् brother, खरम् Khara, पश्येः seen
M N Dutt
Had you forcibly outraged Sità in my very presence, you, slain by my Shafts, would have seen your brother-Khara.
Summary
"If Sita had been seen by me forcibly taken by you in my presence, then you would have been killed by my arrows and seen your brother Khara."
पदच्छेदः
| यदि | यदि (अव्ययः) |
| मत्संनिधौ | मद्–संनिधि (७.१) |
| सीता | सीता (१.१) |
| धर्षिता | धर्षित (√धर्षय् + क्त, १.१) |
| स्यात् | स्यात् (√अस् विधिलिङ् प्र.पु. एक.) |
| त्वया | त्वद् (३.१) |
| बलात् | बल (५.१) |
| भ्रातरं | भ्रातृ (२.१) |
| तु | तु (अव्ययः) |
| खरं | खर (२.१) |
| पश्येस्तदा | पश्येः (√पश् विधिलिङ् म.पु. )–तदा (अव्ययः) |
| मत्सायकैर् | मद्–सायक (३.३) |
| हतः | हत (√हन् + क्त, १.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| य | दि | म | त्सं | नि | धौ | सी | ता |
| ध | र्षि | ता | स्या | त्त्व | या | ब | लात् |
| भ्रा | त | रं | तु | ख | रं | प | श्ये |
| स्त | दा | म | त्सा | य | कै | र्ह | तः |