अन्वयः
यदा like that, शस्त्रम् missiles, नारेभे not started, शरासनम् arrows, न चकर्ष not able to stretch bow, विक्लबेन confused, अन्तरात्मना mentally, अस्य his, वीर्यम् valiance, न प्रत्यकरोत् not oppose
Summary
Being confused mentally, Ravana did not start his arrows, nor stretch his bow, nor was able to use missiles and was not able to oppose Rama's valour.
पदच्छेदः
| यदा | यदा (अव्ययः) |
| च | च (अव्ययः) |
| शस्त्रं | शस्त्र (२.१) |
| नारेभे | न (अव्ययः)–आरेभे (√आ-रभ् लिट् प्र.पु. एक.) |
| न | न (अव्ययः) |
| व्यकर्षच्छरासनम् | व्यकर्षत् (√वि-कृष् लङ् प्र.पु. एक.)–शरासन (२.१) |
| नास्य | न (अव्ययः)–इदम् (६.१) |
| प्रत्यकरोद् | प्रत्यकरोत् (√प्रति-कृ लङ् प्र.पु. एक.) |
| वीर्यं | वीर्य (२.१) |
| विक्लवेनान्तरात्मना | विक्लव (३.१)–अन्तरात्मन् (३.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| य | दा | च | श | स्त्रं | ना | रे | भे |
| न | व्य | क | र्ष | च्छ | रा | स | नम् |
| ना | स्य | प्र | त्य | क | रो | द्वी | र्यं |
| वि | क्ल | वे | ना | न्त | रा | त्म | ना |