अन्वयः
रावणः Ravana यतः where, तत्र he was, वसुन्धरा earth, प्रचचाल shook, प्रहरताम् moving, रक्षसां च Rakshasas, बाहवः many, गृहीताइव as if clasped
M N Dutt
And wherever Rāvana moved the earth shook an the hands of all the Rākşasas fighting were as if paralysed.
Summary
Wherever Ravana went, the earth shook. Many Rakshasas felt their hands clasped.
पदच्छेदः
| रावणश्च | रावण (१.१)–च (अव्ययः) |
| यतस्तत्र | यतस् (अव्ययः)–तत्र (अव्ययः) |
| प्रचचाल | प्रचचाल (√प्र-चल् लिट् प्र.पु. एक.) |
| वसुंधरा | वसुंधरा (१.१) |
| रक्षसां | रक्षस् (६.३) |
| च | च (अव्ययः) |
| प्रहरतां | प्रहरत् (√प्र-हृ + शतृ, ६.३) |
| गृहीता | गृहीत (√ग्रह् + क्त, १.३) |
| इव | इव (अव्ययः) |
| बाहवः | बाहु (१.३) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| रा | व | ण | श्च | य | त | स्त | त्र |
| प्र | च | चा | ल | व | सुं | ध | रा |
| र | क्ष | सां | च | प्र | ह | र | तां |
| गृ | ही | ता | इ | व | बा | ह | वः |