अन्वयः
जलधरोदयंविना without clouds, घोरम् terrific, दुर्विषह्यस्वनाः unbearable sound, इन्द्राशनयः thunderbolts of Indra, अस्य on his, सैन्ये army, समन्ततःall over, निपेतुःdropped
M N Dutt
On the Raksasa host on all sides dreadful lightnings were showered without the sound of the clouds.
Summary
Without clouds, terrific thunderbolts of Indra (rain) dropped on his (Ravana's) army all over causing unbearable sound.
पदच्छेदः
| निपेतुर् | निपेतुः (√नि-पत् लिट् प्र.पु. बहु.) |
| इन्द्राशनयः | इन्द्र–अशनि (१.३) |
| सैन्ये | सैन्य (७.१) |
| चास्य | च (अव्ययः)–इदम् (६.१) |
| समन्ततः | समन्ततः (अव्ययः) |
| दुर्विषह्यस्वना | दुर्विषह्य–स्वन (१.३) |
| घोरा | घोर (१.३) |
| विना | विना (अव्ययः) |
| जलधरस्वनम् | जलधर–स्वन (२.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| नि | पे | तु | रि | न्द्रा | श | न | यः |
| सै | न्ये | चा | स्य | स | म | न्त | तः |
| दु | र्वि | ष | ह्य | स्व | ना | घो | रा |
| वि | ना | ज | ल | ध | र | स्व | नम् |