अन्वयः
तयोः both, स्यन्दनोत्तमौ both moving quickly, परस्परम् one another, अर्धयन्तौ seeking to gain, अभिक्रुद्धौ very furious, परस्परम् one another, अभिद्रुतौ persevering
Summary
Both of them were moving quickly seeking to gain one another, very furiously persevering.
पदच्छेदः
| अर्दयन्तौ | अर्दयत् (√अर्दय् + शतृ, १.२) |
| तु | तु (अव्ययः) |
| समरे | समर (७.१) |
| तयोस्तौ | तद् (६.२)–तद् (२.२) |
| स्यन्दनोत्तमौ | स्यन्दन–उत्तम (२.२) |
| परस्परवधे | परस्पर–वध (७.१) |
| युक्तौ | युक्त (√युज् + क्त, १.२) |
| घोररूपौ | घोर–रूप (१.२) |
| बभूवतुः | बभूवतुः (√भू लिट् प्र.पु. द्वि.) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| अ | र्द | य | न्तौ | तु | स | म | रे |
| त | यो | स्तौ | स्य | न्द | नो | त्त | मौ |
| प | र | स्प | र | व | धे | यु | क्तौ |
| घो | र | रू | पौ | ब | भू | व | तुः |