अन्वयः
तदा then, अन्तरिक्षात् from the heaven, राघवरथम् on Raghava's chariot, किरन्ती covering, दुरवापा difficult to find out, मनोहरा very pleasing, पुष्पवृष्टिः shower of flowers, भुवि on earth, निपपात fell
M N Dutt
Flowers were showered upon Rama's car which was covered therewith.
Summary
Then from heaven, a very pleasing shower of flowers, difficult to know from where, fell on Raghava's chariot covering it and dropped on the ground.
पदच्छेदः
| निपपातान्तरिक्षाच्च | निपपात (√नि-पत् लिट् प्र.पु. एक.)–अन्तरिक्ष (५.१)–च (अव्ययः) |
| पुष्पवृष्टिस्तदा | पुष्प–वृष्टि (१.१)–तदा (अव्ययः) |
| भुवि | भू (७.१) |
| किरन्ती | किरत् (√कृ + शतृ, १.१) |
| राघवरथं | राघव–रथ (२.१) |
| दुरवापा | दुरवाप (२.३) |
| मनोहराः | मनोहरा (२.३) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| नि | प | पा | ता | न्त | रि | क्षा | च्च |
| पु | ष्प | वृ | ष्टि | स्त | दा | भु | वि |
| कि | र | न्ती | रा | घ | व | र | थं |
| दु | र | वा | पा | म | नो | ह | राः |