अन्वयः
महात्मना great soul, राघवेण by Raghava, रावणम् Ravana, निहतम् killed, दृष्टवा seeing, राक्षस्यः Rakshasas, शोककर्शिताः stricken with grief, अन्तःपुरात् from the gynaeceum, विनिष्पेतुः rushed out
M N Dutt
Beholding Rävaņa Slain by the high-souled Rāghava Räksasaees, stricken with grief, issued out of the inner appartments.
Summary
On seeing Ravana killed by the great soul Raghava, the Rakshasas from the gynaeceum stricken with grief rushed out.
पदच्छेदः
| रावणं | रावण (२.१) |
| निहतं | निहत (√नि-हन् + क्त, २.१) |
| श्रुत्वा | श्रुत्वा (√श्रु + क्त्वा) |
| राघवेण | राघव (३.१) |
| महात्मना | महात्मन् (३.१) |
| अन्तःपुराद् | अन्तःपुर (५.१) |
| विनिष्पेतू | विनिष्पेतुः (√विनिः-पत् लिट् प्र.पु. बहु.) |
| राक्षस्यः | राक्षसी (१.३) |
| शोककर्शिताः | शोक–कर्शित (√कर्शय् + क्त, १.३) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| रा | व | णं | नि | ह | तं | श्रु | त्वा |
| रा | घ | वे | ण | म | हा | त्म | ना |
| अ | न्तः | पु | रा | द्वि | नि | ष्पे | तू |
| रा | क्ष | स्यः | शो | क | क | र्शि | ताः |