अन्वयः
जनस्थाने at Janasthana, बहुभिः many, राक्षसैः Rakshasas, वृतः surrounded by, तवभ्राता your brother, खरः Khara, हतः killed, तदैव in the same manner, असौ you, मानुषः mortal, न not
M N Dutt
Rāma is not a man since he slew at Janasthāna your brother Khara encircied by many a Rāks asas.
Summary
" At Janasthana your brother Khara, who was surrounded by many Rakshasas, was killed by a mortal in the same manner."
पदच्छेदः
| यदैव | यदा (अव्ययः)–एव (अव्ययः) |
| हि | हि (अव्ययः) |
| जनस्थाने | जनस्थान (७.१) |
| राक्षसैर् | राक्षस (३.३) |
| बहुभिर् | बहु (३.३) |
| वृतः | वृत (√वृ + क्त, १.१) |
| खरस्तव | खर (१.१)–त्वद् (६.१) |
| हतो | हत (√हन् + क्त, १.१) |
| भ्राता | भ्रातृ (१.१) |
| तदैवासौ | तदा (अव्ययः)–एव (अव्ययः)–अदस् (१.१) |
| न | न (अव्ययः) |
| मानुषः | मानुष (१.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| य | दै | व | हि | ज | न | स्था | ने |
| रा | क्ष | सै | र्ब | हु | भि | र्वृ | तः |
| ख | र | स्त | व | ह | तो | भ्रा | ता |
| त | दै | वा | सौ | न | मा | नु | षः |