पदच्छेदः
| त्वं | त्वद् (१.१) |
| च | च (अव्ययः) |
| लङ्केश्वरस्तात | लङ्केश्वर (१.१)–तात (८.१) |
| भविष्यसि | भविष्यसि (√भू लृट् म.पु. ) |
| न | न (अव्ययः) |
| संशयः | संशय (१.१) |
| सर्वेषां | सर्व (६.३) |
| नः | मद् (६.३) |
| प्रभुश्चैव | प्रभु (१.१)–च (अव्ययः)–एव (अव्ययः) |
| भविष्यसि | भविष्यसि (√भू लृट् म.पु. ) |
| महाबल | महत्–बल (८.१) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| त्वं | च | ल | ङ्के | श्व | र | स्ता | त |
| भ | वि | ष्य | सि | न | सं | श | यः |
| स | र्वे | षां | नः | प्र | भु | श्चै | व |
| भ | वि | ष्य | सि | म | हा | ब | ल |