पदच्छेदः
| तत्र | तत्र (अव्ययः) |
| देवो | देव (१.१) |
| मया | मद् (३.१) |
| दृष्टः | दृष्ट (√दृश् + क्त, १.१) |
| सह | सह (अव्ययः) |
| देव्योमया | देवी (३.१)–उमा (३.१) |
| प्रभुः | प्रभु (१.१) |
| सव्यं | सव्य (१.१) |
| चक्षुर् | चक्षुस् (१.१) |
| मया | मद् (३.१) |
| चैव | च (अव्ययः)–एव (अव्ययः) |
| तत्र | तत्र (अव्ययः) |
| देव्यां | देवी (७.१) |
| निपातितम् | निपातित (√नि-पातय् + क्त, १.१) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| त | त्र | दे | वो | म | या | दृ | ष्टः |
| स | ह | दे | व्यो | म | या | प्र | भुः |
| स | व्यं | च | क्षु | र्म | या | चै | व |
| त | त्र | दे | व्यां | नि | पा | ति | तम् |