M N Dutt
And seeing that one having the face of a monkey, the Raksasas, deriding him, burst out into laughter, and seemed as if a mass of clouds were sending roars.
पदच्छेदः
| स | तद् (१.१) |
| वानरमुखं | वानर–मुख (२.१) |
| दृष्ट्वा | दृष्ट्वा (√दृश् + क्त्वा) |
| तम् | तद् (२.१) |
| अवज्ञाय | अवज्ञाय (√अव-ज्ञा + ल्यप्) |
| राक्षसः | राक्षस (१.१) |
| प्रहासं | प्रहास (२.१) |
| मुमुचे | मुमुचे (√मुच् लिट् प्र.पु. एक.) |
| मौर्ख्यात् | मौर्ख्य (५.१) |
| सतोय | स (अव्ययः)–तोय (१.१) |
| इव | इव (अव्ययः) |
| तोयदः | तोयद (१.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| स | वा | न | र | मु | खं | दृ | ष्ट्वा |
| त | म | व | ज्ञा | य | रा | क्ष | सः |
| प्र | हा | सं | मु | मु | चे | मौ | र्ख्या |
| त्स | तो | य | इ | व | तो | य | दः |