M N Dutt
Thereat, growing enraged, the reverend Nandi Sankara's other body spoke into that Rākṣasa The Ten-necked one present there.
पदच्छेदः
| संक्रुद्धो | संक्रुद्ध (√सम्-क्रुध् + क्त, १.१) |
| भगवान्नन्दी | भगवत् (१.१)–नन्दिन् (१.१) |
| शंकरस्यापरा | शंकर (६.१)–अपर (१.१) |
| तनुः | तनु (१.१) |
| अब्रवीद् | अब्रवीत् (√ब्रू लङ् प्र.पु. एक.) |
| राक्षसं | राक्षस (२.१) |
| तत्र | तत्र (अव्ययः) |
| दशग्रीवम् | दशग्रीव (२.१) |
| उपस्थितम् | उपस्थित (√उप-स्था + क्त, २.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| सं | क्रु | द्धो | भ | ग | वा | न्न | न्दी |
| शं | क | र | स्या | प | रा | त | नुः |
| अ | ब्र | वी | द्रा | क्ष | सं | त | त्र |
| द | श | ग्री | व | मु | प | स्थि | तम् |