M N Dutt
When Vedavati had entered into the fire, Rāvana, ascending Puşpaka, began to range the earth.पदच्छेदः
| प्रविष्टायां | प्रविष्ट (√प्र-विश् + क्त, ७.१) |
| हुताशं | हुताश (२.१) |
| तु | तु (अव्ययः) |
| वेदवत्यां | वेदवती (७.१) |
| स | तद् (१.१) |
| रावणः | रावण (१.१) |
| पुष्पकं | पुष्पक (२.१) |
| तत् | तद् (२.१) |
| समारुह्य | समारुह्य (√समा-रुह् + ल्यप्) |
| परिचक्राम | परिचक्राम (√परि-क्रम् लिट् प्र.पु. एक.) |
| मेदिनीम् | मेदिनी (२.१) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| प्र | वि | ष्टा | यां | हु | ता | शं | तु |
| वे | द | व | त्यां | स | रा | व | णः |
| पु | ष्प | कं | त | त्स | मा | रु | ह्य |
| प | रि | च | क्रा | म | मे | दि | नीम् |