M N Dutt
What other man is there in these three regions that know not the might of me, who, conquering my brother, has got possession of this car.
पदच्छेदः
| त्रिषु | त्रि (७.३) |
| लोकेषु | लोक (७.३) |
| कः | क (१.१) |
| सो | तद् (१.१) |
| ऽस्ति | अस्ति (√अस् लट् प्र.पु. एक.) |
| यो | यद् (१.१) |
| न | न (अव्ययः) |
| जानाति | जानाति (√ज्ञा लट् प्र.पु. एक.) |
| मे | मद् (६.१) |
| बलम् | बल (२.१) |
| भ्रातरं | भ्रातृ (२.१) |
| येन | यद् (३.१) |
| निर्जित्य | निर्जित्य (√निः-जि + ल्यप्) |
| विमानम् | विमान (१.१) |
| इदम् | इदम् (१.१) |
| आहृतम् | आहृत (√आ-हृ + क्त, १.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| त्रि | षु | लो | के | षु | कः | सो | ऽस्ति |
| यो | न | जा | ना | ति | मे | ब | लम् |
| भ्रा | त | रं | ये | न | नि | र्जि | त्य |
| वि | मा | न | मि | द | मा | हृ | तम् |