पदच्छेदः
| प्राह | प्राह (√प्र-अह् लिट् प्र.पु. एक.) |
| राजानम् | राजन् (२.१) |
| आसाद्य | आसाद्य (√आ-सादय् + ल्यप्) |
| युद्धं | युद्ध (√युध् + क्त, १.१) |
| मे | मद् (६.१) |
| सम्प्रदीयताम् | सम्प्रदीयताम् (√सम्प्र-दा प्र.पु. एक.) |
| निर्जितो | निर्जित (√निः-जि + क्त, १.१) |
| ऽस्मीति | अस्मि (√अस् लट् उ.पु. )–इति (अव्ययः) |
| वा | वा (अव्ययः) |
| ब्रूहि | ब्रूहि (√ब्रू लोट् म.पु. ) |
| ममैतद् | मद् (६.१)–एतद् (१.१) |
| इह | इह (अव्ययः) |
| शासनम् | शासन (१.१) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| प्रा | ह | रा | जा | न | मा | सा | द्य |
| यु | द्धं | मे | सं | प्र | दी | य | ताम् |
| नि | र्जि | तो | ऽस्मी | ति | वा | ब्रू | हि |
| म | मै | त | दि | ह | शा | स | नम् |