पदच्छेदः
| अथ | अथ (अव्ययः) |
| रुष्टो | रुष्ट (√रुष् + क्त, १.१) |
| महातेजा | महत्–तेजस् (१.१) |
| व्याजहार | व्याजहार (√व्या-हृ लिट् प्र.पु. एक.) |
| महामुनिः | महत्–मुनि (१.१) |
| या | यद् (१.१) |
| मे | मद् (६.१) |
| दर्शनम् | दर्शन (२.१) |
| आगच्छेत् | आगच्छेत् (√आ-गम् विधिलिङ् प्र.पु. एक.) |
| सा | तद् (१.१) |
| गर्भं | गर्भ (२.१) |
| धारयिष्यति | धारयिष्यति (√धारय् लृट् प्र.पु. एक.) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| अ | थ | रु | ष्टो | म | हा | ते | जा |
| व्या | ज | हा | र | म | हा | मु | निः |
| या | मे | द | र्श | न | मा | ग | च्छे |
| त्सा | ग | र्भं | धा | र | यि | ष्य | ति |