पदच्छेदः
| एवम् | एवम् (अव्ययः) |
| उक्ता | उक्त (√वच् + क्त, १.१) |
| तु | तु (अव्ययः) |
| सा | तद् (१.१) |
| कन्या | कन्या (१.१) |
| प्रहृष्टेनान्तरात्मना | प्रहृष्ट (√प्र-हृष् + क्त, ३.१)–अन्तरात्मन् (३.१) |
| अचिरेणैव | अचिर (३.१)–एव (अव्ययः) |
| कालेन | काल (३.१) |
| सूता | सूत (√सू + क्त, १.१) |
| विश्रवसं | विश्रवस् (२.१) |
| सुतम् | सुत (२.१) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| ए | व | मु | क्ता | तु | सा | क | न्या |
| प्र | हृ | ष्टे | ना | न्त | रा | त्म | ना |
| अ | चि | रे | णै | व | का | ले | न |
| सू | ता | वि | श्र | व | सं | सु | तम् |