M N Dutt
And on a religious mission that foremost of ascetics, repairing to the asylum of Triņabindu at the side of the mighty mountain, Meru, took up his abode there.
पदच्छेदः
| स | तद् (१.१) |
| तु | तु (अव्ययः) |
| धर्मप्रसङ्गेन | धर्म–प्रसङ्ग (३.१) |
| मेरोः | मेरु (६.१) |
| पार्श्वे | पार्श्व (७.१) |
| महागिरेः | महत्–गिरि (६.१) |
| तृणबिन्द्वाश्रमं | तृणबिन्दु–आश्रम (२.१) |
| गत्वा | गत्वा (√गम् + क्त्वा) |
| न्यवसन्मुनिपुंगवः | न्यवसत् (√नि-वस् लङ् प्र.पु. एक.)–मुनि–पुंगव (१.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| स | तु | ध | र्म | प्र | स | ङ्गे | न |
| मे | रोः | पा | र्श्वे | म | हा | गि | रेः |
| तृ | ण | बि | न्द्वा | श्र | मं | ग | त्वा |
| न्य | व | स | न्मु | नि | पुं | ग | वः |