M N Dutt
Having delivered himself thus and saluted the sage, he, entering the southern way with his councillors, proceeded along.
पदच्छेदः
| एवम् | एवम् (अव्ययः) |
| उक्त्वा | उक्त्वा (√वच् + क्त्वा) |
| दशग्रीवो | दशग्रीव (१.१) |
| मुनिं | मुनि (२.१) |
| तम् | तद् (२.१) |
| अभिवाद्य | अभिवाद्य (√अभि-वादय् + ल्यप्) |
| च | च (अव्ययः) |
| प्रययौ | प्रययौ (√प्र-या लिट् प्र.पु. एक.) |
| दक्षिणाम् | दक्षिण (२.१) |
| आशां | आशा (२.१) |
| प्रहृष्टैः | प्रहृष्ट (√प्र-हृष् + क्त, ३.३) |
| सह | सह (अव्ययः) |
| मन्त्रिभिः | मन्त्रिन् (३.३) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| ए | व | मु | क्त्वा | द | श | ग्री | वो |
| मु | निं | त | म | भि | वा | द्य | च |
| प्र | य | यौ | द | क्षि | णा | मा | शां |
| प्र | हृ | ष्टैः | स | ह | म | न्त्रि | भिः |