M N Dutt
And returning by the way by which he had come the Raksasa, stationed in the welkin, proceeded towards Lankā.पदच्छेदः
| आगतस्तु | आगत (√आ-गम् + क्त, १.१)–तु (अव्ययः) |
| पथा | पथिन् (३.१) |
| येन | यद् (३.१) |
| तेनैव | तद् (३.१)–एव (अव्ययः) |
| विनिवृत्य | विनिवृत्य (√विनि-वृत् + ल्यप्) |
| सः | तद् (१.१) |
| लङ्काम् | लङ्का (२.१) |
| अभिमुखो | अभिमुख (१.१) |
| रक्षो | रक्षस् (१.१) |
| नभस्तलगतो | नभस्–तल–गत (√गम् + क्त, १.१) |
| ययौ | ययौ (√या लिट् प्र.पु. एक.) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| आ | ग | त | स्तु | प | था | ये | न |
| ते | नै | व | वि | नि | वृ | त्य | सः |
| ल | ङ्का | म | भि | मु | खो | र | क्षो |
| न | भ | स्त | ल | ग | तो | य | यौ |