पदच्छेदः
| स | तद् (१.१) |
| हि | हि (अव्ययः) |
| शप्तो | शप्त (√शप् + क्त, १.१) |
| वनोद्देशः | वन–उद्देश (१.१) |
| क्रुद्धेनोशनसा | क्रुद्ध (√क्रुध् + क्त, ३.१)–उशनस् (३.१) |
| पुरा | पुरा (अव्ययः) |
| राक्षसानाम् | राक्षस (६.३) |
| अयं | इदम् (१.१) |
| वासो | वासस् (१.१) |
| भविष्यति | भविष्यति (√भू लृट् प्र.पु. एक.) |
| न | न (अव्ययः) |
| संशयः | संशय (१.१) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| स | हि | श | प्तो | व | नो | द्दे | शः |
| क्रु | द्धे | नो | श | न | सा | पु | रा |
| रा | क्ष | सा | ना | म | यं | वा | सो |
| भ | वि | ष्य | ति | न | सं | श | यः |