M N Dutt
And beholding Rävaņa proceed, hundreds of Daityas, inimical to the celestials, followed him. Having arrived at the city of Madhu and entered there the ten-necked demon did not behold Madhu but espied his sister.
पदच्छेदः
| स | तद् (१.१) |
| तु | तु (अव्ययः) |
| गत्वा | गत्वा (√गम् + क्त्वा) |
| मधुपुरं | मधु–पुर (२.१) |
| प्रविश्य | प्रविश्य (√प्र-विश् + ल्यप्) |
| च | च (अव्ययः) |
| दशाननः | दशानन (१.१) |
| न | न (अव्ययः) |
| ददर्श | ददर्श (√दृश् लिट् प्र.पु. एक.) |
| मधुं | मधु (२.१) |
| तत्र | तत्र (√तृ लिट् म.पु. द्वि.) |
| भगिनीं | भगिनी (२.१) |
| तत्र | तत्र (अव्ययः) |
| दृष्टवान् | दृष्टवत् (√दृश् + क्तवतु, १.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| स | तु | ग | त्वा | म | धु | पु | रं |
| प्र | वि | श्य | च | द | शा | न | नः |
| न | द | द | र्श | म | धुं | त | त्र |
| भ | गि | नीं | त | त्र | दृ | ष्ट | वान् |