M N Dutt
He beheld his fearful son Meghanāda too, clad in an antelope skin and holding Sikhă and Kamandalu.पदच्छेदः
| ततः | ततस् (अव्ययः) |
| कृष्णाजिनधरं | कृष्ण–अजिन–धर (२.१) |
| कमण्डलुशिखाध्वजम् | कमण्डलु–शिखा–ध्वज (२.१) |
| ददर्श | ददर्श (√दृश् लिट् प्र.पु. एक.) |
| स्वसुतं | स्व–सुत (२.१) |
| तत्र | तत्र (अव्ययः) |
| मेघनादम् | मेघनाद (२.१) |
| अरिंदमम् | अरिंदम (२.१) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| त | तः | कृ | ष्णा | जि | न | ध | रं |
| क | म | ण्ड | लु | शि | खा | ध्व | जम् |
| द | द | र्श | स्व | सु | तं | त | त्र |
| मे | घ | ना | द | म | रिं | द | मम् |