M N Dutt
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पदच्छेदः
| सुवर्णचक्रप्रतिमं | सुवर्ण–चक्र–प्रतिमा (२.१) |
| स्वर्णदामचितं | स्वर्ण–दामन्–चित (√चि + क्त, २.१) |
| पृथु | पृथु (२.१) |
| अध्यारोक्ष्यति | अध्यारोक्ष्यति (√अध्या-रुह् लृट् प्र.पु. एक.) |
| कस्ते | क (१.१)–त्वद् (६.१) |
| ऽद्य | अद्य (अव्ययः) |
| स्वर्गं | स्वर्ग (२.१) |
| जघनरूपिणम् | जघन–रूपिन् (२.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| सु | व | र्ण | च | क्र | प्र | ति | मं |
| स्व | र्ण | दा | म | चि | तं | पृ | थु |
| अ | ध्या | रो | क्ष्य | ति | क | स्ते | ऽद्य |
| स्व | र्गं | ज | घ | न | रू | पि | णम् |