पदच्छेदः
| उदिते | उदित (√उत्-इ + क्त, ७.१) |
| विमले | विमल (७.१) |
| चन्द्रे | चन्द्र (७.१) |
| तुल्यपर्वतवर्चसि | तुल्य–पर्वत–वर्चस् (७.१) |
| स | तद् (१.१) |
| ददर्श | ददर्श (√दृश् लिट् प्र.पु. एक.) |
| गुणांस्तत्र | गुण (२.३)–तत्र (अव्ययः) |
| चन्द्रपादोपशोभितान् | चन्द्र–पाद–उपशोभित (√उप-शोभय् + क्त, २.३) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| उ | दि | ते | वि | म | ले | च | न्द्रे |
| तु | ल्य | प | र्व | त | व | र्च | सि |
| स | द | द | र्श | गु | णां | स्त | त्र |
| च | न्द्र | पा | दो | प | शो | भि | तान् |