पदच्छेदः
| ततो | ततस् (अव्ययः) |
| विद्राव्यमाणेषु | विद्राव्यमाण (√वि-द्रावय् + शानच्, ७.३) |
| त्रिदशेषु | त्रिदश (७.३) |
| सुमालिना | सुमालिन् (३.१) |
| वसूनाम् | वसु (६.३) |
| अष्टमो | अष्टम (१.१) |
| देवः | देव (१.१) |
| सावित्रो | सावित्र (१.१) |
| व्यवतिष्ठत | व्यवतिष्ठत (√व्यव-स्था लङ् प्र.पु. एक.) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| त | तो | वि | द्रा | व्य | मा | णे | षु |
| त्रि | द | शे | षु | सु | मा | लि | ना |
| व | सू | ना | म | ष्ट | मो | दे | वः |
| सा | वि | त्रो | व्य | व | ति | ष्ठ | त |