पदच्छेदः
| ततः | ततस् (अव्ययः) |
| क्रुद्धो | क्रुद्ध (√क्रुध् + क्त, १.१) |
| महातेजा | महत्–तेजस् (१.१) |
| रक्षो | रक्ष (१.१) |
| विस्फारितेक्षणः | विस्फारित (√वि-स्फारय् + क्त)–ईक्षण (१.१) |
| रावणिः | रावणि (१.१) |
| शक्रपुत्रं | शक्र–पुत्र (२.१) |
| तं | तद् (२.१) |
| शरवर्षैर् | शर–वर्ष (३.३) |
| अवाकिरत् | अवाकिरत् (√अव-कृ लङ् प्र.पु. एक.) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| त | तः | क्रु | द्धो | म | हा | ते | जा |
| र | क्षो | वि | स्फा | रि | ते | क्ष | णः |
| रा | व | णिः | श | क्र | पु | त्रं | तं |
| श | र | व | र्षै | र | वा | कि | रत् |