M N Dutt
Rāvana's son thus striking Indra's army the quarters were enshrouded with darkness by his illusory power.
पदच्छेदः
| ततः | ततस् (अव्ययः) |
| प्रव्यथिता | प्रव्यथित (√प्र-व्यथय् + क्त, १.३) |
| लोकाः | लोक (१.३) |
| संजज्ञे | संजज्ञे (√सम्-जन् लिट् प्र.पु. एक.) |
| च | च (अव्ययः) |
| तमो | तमस् (१.१) |
| महत् | महत् (१.१) |
| तस्य | तद् (६.१) |
| रावणपुत्रस्य | रावण–पुत्र (६.१) |
| तदा | तदा (अव्ययः) |
| शत्रून् | शत्रु (२.३) |
| अभिघ्नतः | अभिघ्नत् (√अभि-हन् + शतृ, ६.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| त | तः | प्र | व्य | थि | ता | लो | काः |
| सं | ज | ज्ञे | च | त | मो | म | हत् |
| त | स्य | रा | व | ण | पु | त्र | स्य |
| त | दा | श | त्रू | न | भि | घ्न | तः |