M N Dutt
Like to flaming fire approaching towards forest that great car-warrior encountered the enemies in a precious car coursing at will.
पदच्छेदः
| स | तद् (१.१) |
| रथेनाग्निवर्णेन | रथ (३.१)–अग्नि–वर्ण (३.१) |
| कामगेन | कामग (३.१) |
| महारथः | महत्–रथ (१.१) |
| अभिदुद्राव | अभिदुद्राव (√अभि-द्रु लिट् प्र.पु. एक.) |
| सेनां | सेना (२.१) |
| तां | तद् (२.१) |
| वनान्यग्निर् | वन (२.३)–अग्नि (१.१) |
| इव | इव (अव्ययः) |
| ज्वलन् | ज्वलत् (√ज्वल् + शतृ, १.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| स | र | थे | ना | ग्नि | व | र्णे | न |
| का | म | गे | न | म | हा | र | थः |
| अ | भि | दु | द्रा | व | से | नां | तां |
| व | ना | न्य | ग्नि | रि | व | ज्व | लन् |