M N Dutt
Having unstrung his huge bow Indra struck Răvaņa, on his head, with arrows resembling the flame of fire and the rays of the sun.पदच्छेदः
| तद् | तद् (२.१) |
| विकृष्य | विकृष्य (√वि-कृष् + ल्यप्) |
| महच्चापम् | महत्–चाप (२.१) |
| इन्द्रो | इन्द्र (१.१) |
| रावणमूर्धनि | रावण–मूर्धन् (७.१) |
| निपातयामास | निपातयामास (√नि-पातय् प्र.पु. एक.) |
| शरान् | शर (२.३) |
| पावकादित्यवर्चसः | पावक–आदित्य–वर्चस् (२.३) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| त | द्वि | कृ | ष्य | म | ह | च्चा | प |
| मि | न्द्रो | रा | व | ण | मू | र्ध | नि |
| नि | पा | त | या | मा | स | श | रा |
| न्पा | व | का | दि | त्य | व | र्च | सः |