पदच्छेदः
| एतस्मिन्न् | एतद् (७.१) |
| अन्तरे | अन्तर (७.१) |
| चापि | च (अव्ययः)–अपि (अव्ययः) |
| सर्वे | सर्व (१.३) |
| सुरगणास्तदा | सुर–गण (१.३)–तदा (अव्ययः) |
| अभ्यद्रवन् | अभ्यद्रवन् (√अभि-द्रु लङ् प्र.पु. बहु.) |
| सुसंक्रुद्धा | सु (अव्ययः)–संक्रुद्ध (√सम्-क्रुध् + क्त, १.३) |
| रावणं | रावण (२.१) |
| शस्त्रवृष्टिभिः | शस्त्र–वृष्टि (३.३) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| ए | त | स्मि | न्न | न्त | रे | चा | पि |
| स | र्वे | सु | र | ग | णा | स्त | दा |
| अ | भ्य | द्र | व | न्सु | सं | क्रु | द्धा |
| रा | व | णं | श | स्त्र | वृ | ष्टि | भिः |