पदच्छेदः
| स | तद् (१.१) |
| तु | तु (अव्ययः) |
| दृष्ट्वा | दृष्ट्वा (√दृश् + क्त्वा) |
| बलं | बल (२.१) |
| सर्वं | सर्व (२.१) |
| निहतं | निहत (√नि-हन् + क्त, २.१) |
| रावणो | रावण (१.१) |
| रणे | रण (७.१) |
| क्रोधम् | क्रोध (२.१) |
| अभ्यागमत् | अभ्यागमत् (√अभ्या-गम् प्र.पु. एक.) |
| तीव्रं | तीव्र (२.१) |
| महानादं | महत्–नाद (२.१) |
| च | च (अव्ययः) |
| मुक्तवान् | मुक्तवत् (√मुच् + क्तवतु, १.१) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| स | तु | दृ | ष्ट्वा | ब | लं | स | र्वं |
| नि | ह | तं | रा | व | णो | र | णे |
| क्रो | ध | म | भ्या | ग | म | त्ती | व्रं |
| म | हा | ना | दं | च | मु | क्त | वान् |