पदच्छेदः
| स | तद् (१.१) |
| तु | तु (अव्ययः) |
| वर्षसहस्राणि | वर्ष–सहस्र (२.३) |
| तपस्तप्त्वा | तपस् (२.१)–तप्त्वा (√तप् + क्त्वा) |
| महावने | महत्–वन (७.१) |
| पूर्णे | पूर्ण (√पृ + क्त, ७.१) |
| वर्षसहस्रे | वर्ष–सहस्र (७.१) |
| तु | तु (अव्ययः) |
| तं | तद् (२.१) |
| तं | तद् (२.१) |
| विधिम् | विधि (२.१) |
| अवर्तत | अवर्तत (√वृत् लङ् प्र.पु. एक.) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| स | तु | व | र्ष | स | ह | स्रा | णि |
| त | प | स्त | प्त्वा | म | हा | व | ने |
| पू | र्णे | व | र्ष | स | ह | स्रे | तु |
| तं | तं | वि | धि | म | व | र्त | त |