पदच्छेदः
| स | तद् (१.१) |
| तस्यां | तद् (७.१) |
| वीर्यसम्पन्नम् | वीर्य–सम्पन्न (√सम्-पद् + क्त, २.१) |
| अपत्यं | अपत्य (२.१) |
| परमाद्भुतम् | परम–अद्भुत (२.१) |
| जनयामास | जनयामास (√जनय् प्र.पु. एक.) |
| धर्मात्मा | धर्म–आत्मन् (१.१) |
| सर्वैर् | सर्व (३.३) |
| ब्रह्मगुणैर् | ब्रह्मन्–गुण (३.३) |
| युतम् | युत (२.१) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| स | त | स्यां | वी | र्य | सं | प | न्न |
| म | प | त्यं | प | र | मा | द्भु | तम् |
| ज | न | या | मा | स | ध | र्मा | त्मा |
| स | र्वै | र्ब्र | ह्म | गु | णै | र्यु | तम् |