M N Dutt
Having obtained Rāvana encircled by his sons and brothers the Patriarch, stationed in the welkin, calmly said.
पदच्छेदः
| तं | तद् (२.१) |
| रावणं | रावण (२.१) |
| समासाद्य | समासाद्य (√समा-सादय् + ल्यप्) |
| पुत्रभ्रातृभिर् | पुत्र–भ्रातृ (३.३) |
| आवृतम् | आवृत (√आ-वृ + क्त, २.१) |
| अब्रवीद् | अब्रवीत् (√ब्रू लङ् प्र.पु. एक.) |
| गगने | गगन (७.१) |
| तिष्ठन् | तिष्ठत् (√स्था + शतृ, १.१) |
| सान्त्वपूर्वं | सान्त्व–पूर्वम् (अव्ययः) |
| प्रजापतिः | प्रजापति (१.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| तं | रा | व | णं | स | मा | सा | द्य |
| पु | त्र | भ्रा | तृ | भि | रा | वृ | तम् |
| अ | ब्र | वी | द्ग | ग | ने | ति | ष्ठ |
| न्सा | न्त्व | पू | र्वं | प्र | जा | प | तिः |