M N Dutt
That virtuous-souled, great ascetic enjoyed her company; and for my thus conferring her upon Gautama alll the celestials disappointed.
पदच्छेदः
| स | तद् (१.१) |
| तया | तद् (३.१) |
| सह | सह (अव्ययः) |
| धर्मात्मा | धर्म–आत्मन् (१.१) |
| रमते | रमते (√रम् लट् प्र.पु. एक.) |
| स्म | स्म (अव्ययः) |
| महामुनिः | महत्–मुनि (१.१) |
| आसन्निराशा | आसन् (√अस् लङ् प्र.पु. बहु.)–निराश (१.३) |
| देवास्तु | देव (१.३)–तु (अव्ययः) |
| गौतमे | गौतम (७.१) |
| दत्तया | दत्त (√दा + क्त, ३.१) |
| तया | तद् (३.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| स | त | या | स | ह | ध | र्मा | त्मा |
| र | म | ते | स्म | म | हा | मु | निः |
| आ | स | न्नि | रा | शा | दे | वा | स्तु |
| गौ | त | मे | द | त्त | या | त | या |