पदच्छेदः
| न | न (अव्ययः) |
| च | च (अव्ययः) |
| ते | त्वद् (६.१) |
| स्थावरं | स्थावर (१.१) |
| स्थानं | स्थान (१.१) |
| भविष्यति | भविष्यति (√भू लृट् प्र.पु. एक.) |
| पुरंदर | पुरंदर (८.१) |
| एतेनाधर्मयोगेन | एतद् (३.१)–अधर्म–योग (३.१) |
| यस्त्वयेह | यद् (१.१)–त्वद् (३.१)–इह (अव्ययः) |
| प्रवर्तितः | प्रवर्तित (√प्र-वर्तय् + क्त, १.१) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| न | च | ते | स्था | व | रं | स्था | नं |
| भ | वि | ष्य | ति | पु | रं | द | र |
| ए | ते | ना | ध | र्म | यो | गे | न |
| य | स्त्व | ये | ह | प्र | व | र्ति | तः |